चचेरी बहन रेखा की गरम जवानी

मेरी चचेरी बहन रेखा कानपुर मे ही रह रही है और हमदोनो का मिलना-जुलना होता ही रह्ता है ! दोनो एक दुसरे के साथ शारिरिक सम्बंध बना चुके थे और रेखा अपना कौमार्य भी मेरे साथ तोड़ चुकी थी ! एक दोपहर मुझे फोन करके अपने कोचिंग़ के पास बुलाई और फ़िर मेरे साथ घुमने-फ़िरने के लिये निकल गयी ! रेखा 18 साल की लड़्की थी, गोरा चेहरा, सुराही नुमा गर्दन, दो संतरे समान स्तन, पतली कमर और गोल गुम्बदाकार चुत्तर ! वो मेरे से चिपक कर बाईक पर बैठी थी, उसने अपने स्तन को मेरे पिठ से चिपका रखा था और उसका हाथ मेरे कमर पर था लेकिन कभी कभार मेरे लंड़ के उभार पर भी पहुंच जाता था !

रेखा को लेकर मै कानपुर देहात की ओर निकल पड़ा और फ़िर एक रास्ते से सिधे नदी के किनारे पहुंचा ! एकदम शांत निर्जन इलाके मे दोनो बाइक के पास खड़े थे, रेखा एक टोप्स और स्कर्ट मे सुंदर लग रही थी, दोनो जमिन पर बैठे और मै रेखा को अपने गोद मे बिठा कर चुमने लगा ! वो मेरे से लिपट कर बैठी थी और उसके छोटे -2 स्तन मेरे छाती से दब रहे थे, दोनो का ओंठ एक दुसरे से रगड़ खाने लगा तो रेखा अपने जिभ को मेरे मुह्न मे ड़ाल दी ! उसका जिभ चुसता हुआ उसके पिठ और नितम्ब को सहलाने लगा, मेरा हाथ उसके स्कर्ट को कमर तक कर दिया और वो जिभ खिंचकर मेरे कंधे पर अपना सर रख दी, जबकी मै उसके चिकने चुत्तर को सहलाने लगा ! अब घास पर ही रेखा को सुला दिया और उसके चड़्ही को उत्तार बुर को नण्गा कर दिया, उसके चुत्तर के निचे एक तोलिया ड़ाल दिया था और उसके बुर पर हथेली रगड़्ने लगा……. “क्यो रानी सील तुड़्वाने के बाद कैसा लग रहा है ?

(रेखा) रात को दर्द था लेकिन फ़िर ठीक हो गया और चुदने का बहुत मन करने लगा ! ”

रेखा नग्न अवस्था मे बाइक के सहारे खड़ी हो गयी और उसके मोटे-2 जङ्हा से लेकर फ़ुली हुई चुत और उसके दोनो फ़ांक, सच पुच्हो तो देखकर ही लंड़ फ़नफ़ना उठा ! अब मै उसके जङ्हा के बिच बुर पर अपना मुह्न लगा दिया और चुम्बन देने लगा, वो सिसकने लगी और मै उसके बुर को फ़लकाकर जिभ से बुर चाट्ने लगा! रेखा बाइक के सहारे अपने गांड़ को चिपका रखी थी और उसके दोनो पैर दो दिशा मे थे जबकी मै रेखा की बुर के रान को मुह्न मे लेकर चुसने लगा! पल भर बाद मेरी चचेरी बहन मेरे चेहरे को पिच्हे की ओर धक्का दे दी और अपने बुर को मेरे मुह्न से निकाल दी ! अब दोनो घास पर बैठे हुए थे, रेखा स्कर्ट को निचे की ओर करके अपने चुत्तर और बुर के हिस्से को धक ली, दोनो नदी के किनारे बैठे हुए थे और निर्जन स्थल पर मेरा हाथ उसके चुची पर चला गया, रेखा की चुची को मसलने लगा तो वो मेरे पैंट को खोलने लगी ! मेरा निचला हिस्सा नग्न था और मेरा मुसललंड़ रेखा अपने हाथ मे थामे हिलाने लगी ! रेखा एक कामुक लौंड़िया कि तरह मेरे लंड़ के सामने अपना सर झुकाई और मेरे लंड़ के सुपाड़ा को अपने रसिले ओंठ से लेकर गाल पर रगड़्ने लगी, वो जिस कदर जमिन पर थी की उसके चुत्तर पर से स्कर्ट कमर की ओर चला गया और रेखा मेरे लंड़ को चुसने लगी तो मै उसके चुत्तर पर हाथ फ़ेरता हुआ एक उण्गली उसकी बुर मे घुसा दिया और बुर कुरेदने लगा, रेखा मेरे लंड़ को अपने मुह्न से निकाल ली और जिभ से चाट्ने लगी जबकि मै उसके बुर को उङ्ली से चोद रहा था ! रेखा अब मेरे लंड़ को मुह्न मे ल्रेकर मुखमैथुन करने लगी और मै रेखा के नग्न चुत्तर पर थप्पड़ मार रहा था !

पल भर बाद रेखा मुझे छोड़कर पास मे बैठ्कर छर-2 मुतने लगी, आकर मेरे पास मे बैठी और बोली….. “राहुल आज कोई गर्भ निरोधक या कंड़ोम का प्रयोग करना होगा

(राहुल) ओह मतलब की आज भी चुदने का प्लान है

(रेखा) राहुल मजाक छोड़ो अब बर्दास्त नही हो रहा. ” तो मै रेखा को घास पर ही कोहनी और घुट्ने के बल कर दिया, उसके स्कर्ट को कमर तक किया और गांड़ के सामने बैठ्कर लंड़ को रेखा की बूर मे पेलने लगा, धीरे-2 1/2 से अधिक लंड़ बुर मे चला गया और मै बहन के कमर को कसकर थामे जोर का झट्का बुर मे दिया और मेरा पुरा लंड़ रेखा की बुर मे था ! रेखा हफ़्ते भर पहले अपने बुर का सील तोड़वाई थी वो भी मैने ही उसके बुर को चोदा था, आज शायद दुसरी बार चुद रही थी, मै पुरे गति और ताकत के साथ बुर को चोदने लगा और रेखा अपने चुत्तर को आगे पिच्हे करने लगी ! दोनो नदी किनारे चुदाई का आनंद ले रहे थे, मेरा मुसललंड़ बहन की बुर मे गपागप आ जा रहा था और बुर के अंदर का रास्ता चिकना लेकिन संकिर्न था ! रेखा को चोदता हुआ मेरा लंड़ अब गरम हो चुका था, वो अपने बुर की गरमी से परेशान थी….. “आह्हह ऊम्मम्म ऊह्हह्हह बहुत मजा आ रहा है राहुल, तेज चुदाई करो. ” और उसकी बुर मे आग लगी हुई थी, लगभग 12-14 मिनट की चुदाई के बाद मै चिंख पड़ा….. “ऊह्ह रेखा मेरे लंड़ से विर्य फ़ेंकने वाला है. ” और मेरे लंड़ का विर्य उसकी बुर के आग को बुझा दिया, दोनो पल भर बाद अपने कपड़े को ठिक किये और घर वापस हो गये !

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Linga11

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